असम में बारिश और बाढ़ ने ब्रह्मपुत्र नदी के रौद्र रूप को और भी विकराल बना दिया है।नदी उफान पर है सकड़ों गांव जलमग्न हैं और लाखों लोग बाढ़ की चपेट में आकर राहत शिविरों का सहारा लेने को मजबूर हैं।गुहावटी जैसे बड़े शहरों में अब सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं। जबकि बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में लगा हुआ है।मौसम विभाग ने अभी और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका बताई जा रही है।
हम सर्वाइब कैसे करेंगे?
असम के लोगों का कहना है की "हम लोग सर्वाइब कैसे करेंगे? हम लोग 15 साल पीछे चले गए हैं।ये पहले बार है हमने ऐसा कभी नहीं देखा है। हमें जल्दी ही खाना और पानी की व्यवस्था कराई जाये तो बहुत अच्छा होगा क्योंकि यहाँ पर बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है।''
पूरा शिव सागर टाउन पानी से डूब चुका है।असम की राजधानी गुहावटी को बारिश का इंतजार था वो आई और उसने पूरे शहर को झील में तब्दील कर दिया।घर, सड़कों और दुकानों सभी जगहों पर पानी - घुस गया है।
गुहावटी में दर्ज की गई 100 मिमी से अधिक बारिश
गुहावटी में कुछ ही घंटों में 100mm से अधिक बारिश दर्ज की गई है।मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में तबाही मचा रखी है। असम में बाढ़ से अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 6,53000 लोग इससे प्रभावित हुए हैं।
ब्रम्हपुत्र और उसकी सहायक नदियों का पानी कई इलाकों में फ़ैल गया है, जिससे हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ा है।
939 गांव पानी में डूबे
अब तक 939 गांव पानी में डूब चुके हैं हालात इतने नाजुक हैं की हवा से लेकर जमीन तक राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना को मैदान में उतारना पड़ा है।असम का उपरी हिस्सा इस समय बिनाशकारी बाढ़ की चपेट में है।लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान ने सरायडो, सुनारी, नाजिया गुलाघात और आसपास के कई इलाओं में जनजीवन पूरी तरह से तहस - नहस हो गया है।
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