अगर आपने पिछले कुछ दिनों में मौसम की खबरों को देखा है तो आपने El-Nino का नाम जरूर सुना होगा।इस पर सरकार और मौसम वैज्ञानिकों दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।वजह ये है की El- Nino भारत के मानसून को कमजोर कर सकता है और भारत में मानसून सिर्फ बारिश का मामला नहीं है बल्कि खेती, खाद्य क़ीमतों, ग्रामीण आय और देश की अर्थव्यवस्था से भी सीधा जुड़ा हुआ है।आइये जानते हैं El-Nino के बारे में विस्तार से।
El-Nino क्या है?
El- Nino और La- Neena ये दोनों ही शब्द स्पेनिश भाषा से उत्पन्न हुआ है। इन शब्दों का प्रयोग पहली बार दक्षिण अमेरिका के मछुआरों ने किया था जब उन्होंने यह देखा की पेरू तट पर समुद्र के तापमान में बदलाव हो रहा है।बाद में इन शब्दों का प्रयोग मौसम के वैज्ञानिकों द्वारा किया जाने लगा।
El- Nino का अर्थ है - यीशु का बच्चा क्योंकि आमतौर पर इसकी उत्पति दिसम्बर के महीने में होती है और मार्च - अप्रैल तक अपनी स्थिति बनाये रखती है।
Al- Nino का क्या प्रभाव होगा हमारे देश पर?
दरअसल इस वर्ष 1 जून से 23 जून के बीच देश में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 43% कम दर्ज की गई है।यही कारण है की Al- Nino को लेकर देश में चिंता बढ़ गई है।कई रिपोर्ट में कहा गया है की अगर जुलाई और अगस्त में भी कमजोर बारिश होती है तो इसका असर खेती और बाजार दोनों पर दिखाई दे सकता है।
मानसून कमजोर होगा तो इसका किसानों पर क्या असर होगा?
आपको बता दें की भारत में बड़ी संख्या में किसान अब भी बारिश पर निर्भर हैं। देश की लगभग आधी कृषि भूमि ऐसी है जहाँ पर्याप्त सिंचाई की सुविधा नहीं है। ऐसे में अगर बारिश कम हुई तो धान, कपास, दाल, तिलहन और सोयाबीन जैसी फंसलों की बुवाई और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कम बारिश से मिट्टी में नमी भी घटती है जिससे आगे की फसलों पर भी असर पड़ सकता है।
अगर फसल उत्पादन घटता है तो इसका असर सिर्फ किसानों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में आय कम होने से खरीददारी घाट घट सकती है।यही वजह है की कई कंपनियां भी मानसून और Al-Nino की स्थित पर नजर रख रही हैं।
आम लोगों पर क्या असर होगा Al-Nino का?
अब अगर आम लोगों की बात करें तो आपको बता दूं की इसका सबसे बड़ा असर आपकी जेब पर पड़ सकता है। क्योंकि अगर बारिश कम होती है और फसलें प्रभावित होती हैं, तो दाल, सब्जियां, अनाज और खाने - पीने की दूसरी चीजों की कीमतें बढ़ सकती है। यानि की खाद्य मंहगाई का खतरा बढ़ सकता है।
सरकार ने Al-Nino को लेकर क्या कहा है?
सरकार ने एल-नीनो को लेकर साफ कहा है की वह संभावित Al-Nino के प्रभाव से निपटने की तैयारी कर रही है।कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एक ऐसी रणनीति पर काम कर रही हैं जिससे किसानों को नुकसान कम हो और एल-नीनो से बचा जा सके।

