अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है।स्टेट ऑफ हार्मोस में ईरान के द्वारा जो मिसाइल द्वारा हमला किया गया था और उसके जवाब में अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर जो विनाशकारी हमला हुआ है, ये पूरी दुनिया को युद्ध के मुहाने पर ले आया है।आइये जानते हैं पूरा मामला।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने समझौते को किया ख़ारिज
जानकारी के लिए आपको बता दूं की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुराने 3 सप्ताह पहले हुए समझौते को पूरी तरह से रद्द कर दिया है।जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा का उछाल आ गया है और यह आने वाले समय में हर व्यक्ति के खर्चे को काफी प्रभावित कर सकता है।
आपको बता दूं की मिडिल ईस्ट में सात समुन्दर पार एक ऐसा महासंकट खड़ा हो गया है, जिसकी तपिश बहुत जल्दी हर भारतीय नागरिक के खर्चे को प्रभावित करने वाली है।
ट्रम्प ने हुई शांति की डील को बताया कैंसर
जैसे ही स्टेट ऑफ हार्मोस में 3 कमर्शियल जहाजों पर ईरान ने हमला किया ठीक उसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तुर्की में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के साथ हुई डील को ऐलान करके खत्म कर दिया है।
इसी के साथ ट्रम्प ने इस डील को कैंसर बताते हुए 20 गुना सख्त करावाई की चेतावनी भी दिया है।
जिंदगी पर इसका क्या होगा असर?
अब बात आती है की कच्चे तेल की बढ़ोतरी में आम आदमी की जिंदगी पर क्या असर होने वाला है?लेकिन उससे पहले हम जानेंगे की इस लड़ाई से भारत का क्या कनेक्शन है।तो आपको बता दूं की ईरान और ओमान के बीच एक बेहद संकरा समुद्री रास्ता है, जिसे स्टेट ऑफ हार्मोस कहते हैं। इसके साथ ही यह रास्ता पूरे वर्ड का लाइफ लाइन है क्योंकि पूरे वर्ड का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
भारत भी अपने जरुरत का लगभग 80% कच्चा तेल विदेशों से इसी रास्ते से होते हुए इम्पोर्ट करता है और भारत का भी एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी खाड़ी से होकर आता है।अब ईरान ने साफतौर पर मना कर दिया है की उसके इजाजत के बिना इस रास्ते से कोई जहाज नहीं जा सकता है।इसी जिद को लेकर ईरान ने जहाजों पर मिसाइलें दाग दी है और जवाबी करावाई में अमेरिका ने भी हमले करने शुरू कर दिए हैं।
भारत पर क्या होगा असर
अब इस तनाव से सीजफायर खत्म हो गया है और रूट पर तेल के टैंकरों की आवाजाही पर फिर से खतरा मंडराने लगा है।यही कारण है की अगर यह रुट ब्लॉक हो गया तो भारत के लिए तेल सप्लाई पूरी तरह से प्रभावित हो सकती है।
वहीं ट्रम्प के इस ऐलान से अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रैंड क्रूड की कीमत 4% से ज्यादा ऊपर उछलकर सीधे 79 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस कर गई है।अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टैक्सेस इंटरमीडियट भी 4.5% से ज्यादा बढ़कर 74.6 के पार पहुँच गया है।
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