क्या आपका दिन भी इसी डर से शुरू होता है कि कहीं फोन बंद न हो जाए? सुबह सात बजे सौ प्रतिशत चार्ज करके निकले और दोपहर बारह बजते-बजते फोन पर पंद्रह प्रतिशत का रेड अलार्म बजने लगता है? फिर वही चक्कर - पॉवर बैंक ढूंढना, दोस्त से चार्जर मांगना, या किसी दुकान पर घंटों फोन लगाकर बैठना।
मैं समझ सकता हूं यह कितना टेंशन वाला मामला है। खासकर जब आप बाहर हों, कोई जरूरी काम हो, और फोन "बैटरी लो, शटिंग डाउन" कहकर बिना मौसम के बंद हो जाए। कहीं न कहीं हम सब इस परेशानी से गुजरे हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि अस्सी प्रतिशत मामलों में यह समस्या फोन की नहीं, बल्कि हमारी छोटी-छोटी गलत आदतों की होती है? हां, बिल्कुल सच है। बिना पैसे खर्च किए, बिना फोन बदले, बस कुछ सेटिंग्स बदलकर और कुछ आदतें सुधारकर आप अपनी बैटरी का बैकअप तीस से चालीस प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।
इस लेख में मैं आपको पंद्रह ऐसे जबरदस्त ट्रिक्स बताऊंगा जो मैंने पिछले कई सालों में सैकड़ों फोन्स पर टेस्ट किए हैं। चाहे आपका फोन पुराना हो या नया, एंड्रॉयड हो या आईफोन, ये सभी ट्रिक्स आपके काम आएंगे। साथ ही, आप यह भी जानेंगे कि बैटरी को लंबी उम्र कैसे दें और किन बातों से बचना चाहिए।
तो बिना देरी किए, चलिए शुरू करते हैं। लेकिन पहले यह समझ लेते हैं कि आखिर आपकी बैटरी का रस कौन-कौन पी रहा है।
पहले जानें: आपकी बैटरी का रस किसमें खर्च होता है?
जब हम यह समझ जाएंगे कि बैटरी कहां जा रही है, तो उसे बचाना बहुत आसान हो जाएगा। आमतौर पर, सबसे ज्यादा बैटरी आपकी स्क्रीन खाती है - लगभग चालीस से पैंतालीस प्रतिशत। इसके बाद नंबर आता है बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स का, जो बीस से पच्चीस प्रतिशत बैटरी पी जाते हैं। मोबाइल डेटा और वाई-फाई मिलकर करीब दस से पंद्रह प्रतिशत बैटरी खर्च करते हैं। लोकेशन यानी जीपीएस आठ से बारह प्रतिशत बैटरी लेता है। ऐप्स के नोटिफिकेशन और ब्लूटूथ भी अपनी-अपनी हिस्सेदारी मांगते हैं।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई चीजें बिल्कुल अनजरूरी होती हैं। आपको हर समय जीपीएस चालू रखने की जरूरत नहीं है, न ही हर ऐप को पीछे चलते रहना चाहिए। बस थोड़ी समझदारी से आप इन सबको कंट्रोल कर सकते हैं।
अब बिना किसी देरी के जानते हैं वो पंद्रह ट्रिक्स जो आपकी बैटरी की जान बचा देंगी।
ट्रिक नंबर 1: डार्क मोड का करें जादूई इस्तेमाल
अगर आपका फोन एमोलेड या ओएलईडी डिस्प्ले वाला है, तो आपके लिए डार्क मोड किसी वरदान से कम नहीं है। यह कैसे काम करता है, समझ लीजिए। सफेद रंग दिखाने के लिए स्क्रीन के हर पिक्सल को जलाना पड़ता है, जबकि काले रंग में पिक्सल पूरी तरह बंद हो जाते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जितना ज्यादा कालापन होगा, उतनी कम बैटरी खर्च होगी।
रिसर्च बताती है कि डार्क मोड में बैटरी की बचत पंद्रह से बीस प्रतिशत तक हो सकती है। तो अपने फोन की थीम हमेशा डार्क रखें। और हां, वॉलपेपर भी काला या गहरे रंग का लगाएं। अगर आप एनिमेटेड लाइव वॉलपेपर लगाए हुए हैं, तो उसे तुरंत हटा दें। वह तो बैटरी को सांस लेने भी नहीं देता।
ट्रिक नंबर 2: स्क्रीन टाइमआउट को घटाएं
गौर कीजिए, जब आप फोन चलाकर किसी काम से उठते हैं, तो क्या स्क्रीन काफी देर तक जलती रहती है? निश्चित तौर पर। अगर आपने स्क्रीन टाइमआउट तीन मिनट रखा है, तो हर बार फोन छोड़ने के बाद तीन मिनट तक अनावश्यक रूप से बैटरी खर्च होती है।
इसे तुरंत ठीक करें। सेटिंग्स में जाएं और स्क्रीन टाइमआउट को तीस सेकंड या एक मिनट पर सेट करें। इस छोटे से बदलाव से दिनभर में काफी बैटरी बच जाएगी। खासकर जब आप दफ्तर या घर पर फोन बार-बार टेबल पर रखते हों।
ट्रिक नंबर 3: ब्राइटनेस ऑटोमैटिक न रखें, मैन्युअल करें
ऑटो ब्राइटनेस का फीचर सुविधाजनक तो है, लेकिन यह बैटरी का दुश्मन है। यह सेंसर हर पांच सेकंड में रोशनी मापता है और स्क्रीन की ब्राइटनेस एडजस्ट करता है। इस प्रोसेस में बैटरी खर्च होती है। सबसे अच्छा तरीका है कि ऑटो ब्राइटनेस बंद कर दें और ब्राइटनेस को मैन्युअल रूप से तीस से चालीस प्रतिशत के बीच रखें। जब भी धूप में जाएं, तब थोड़ी देर के लिए बढ़ा लें और वापस घटा दें। यह आदत डालने में थोड़ी मेहनत लगती है, लेकिन फायदा बहुत बड़ा है।
ट्रिक नंबर 4: लोकेशन यानी जीपीएस को हरदम ऑन रखने की गलती न करें
क्या आपको हर पल पता होना चाहिए कि आप कहां हैं? बिल्कुल नहीं। लेकिन सोशल मीडिया ऐप्स, मैप्स और कई सारे ऐप्स लगातार आपकी लोकेशन एक्सेस करने की कोशिश करते हैं। यह बैटरी का एक बड़ा दुश्मन है।
सेटिंग्स में जाएं और लोकेशन एक्सेस को देखें। जिन ऐप्स को आपकी लोकेशन की बिल्कुल जरूरत नहीं है, उनके लिए "अनुमति दें" हटा दें। और लोकेशन को हमेशा बंद रखें। जब आपको गूगल मैप्स, ओला या उबर या कोई ऐसा ऐप चलाना हो, तभी इसे चालू करें। काम खत्म होते ही फिर से बंद कर दें। इससे कम से कम दस प्रतिशत बैटरी तुरंत बच जाएगी।
ट्रिक नंबर 5: ब्लूटूथ तभी चालू करें जब चाहिए
हम में से कई लोग ब्लूटूथ को कभी बंद ही नहीं करते। चाहे टीडब्ल्यूएस इयरफोन हों या स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ लगातार एक्टिव रहता है। जब आप किसी डिवाइस से कनेक्टेड नहीं होते, तब भी ब्लूटूथ बीकन भेजता रहता है और डिवाइस ढूंढता रहता है। इसमें बैटरी खर्च होती है।
आदत बनाइए - जब स्पीकर या ईयरफोन का इस्तेमाल न हो रहा हो, तो ब्लूटूथ को क्विक सेटिंग्स पैनल से तुरंत बंद कर दें।
ट्रिक नंबर 6: बैकग्राउंड ऐप्स कंट्रोल करें, यह सबसे बड़ा चोर है
आप सोचते होंगे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे ऐप्स तो आपने बंद कर दिए हैं? लेकिन वे पीछे चलते रहते हैं। वे नया डेटा लोड करते हैं, आपके पोस्ट देखते हैं, नोटिफिकेशन तैयार करते हैं। यह प्रोसेस बैटरी खाता है।
इसका समाधान बहुत आसान है। एंड्रॉयड फोन में सेटिंग्स में जाएं और बैटरी के ऑप्शन में "बैटरी यूसेज" देखें। वहां साफ दिख जाएगा कि कौन सा ऐप सबसे ज्यादा बैटरी खा रहा है। जो ऐप्स अनजरूरी हैं, जैसे कोई गेम या कोई न्यूज ऐप, उनके लिए "रीस्ट्रिक्ट बैकग्राउंड" सेट कर दें। आईफोन में सेटिंग्स - जनरल - बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश में जाकर केवल जरूरी ऐप्स को छोड़ें, बाकी सब बंद कर दें। इस एक ट्रिक से बीस से पच्चीस प्रतिशत बैटरी बच सकती है।
ट्रिक नंबर 7: नोटिफिकेशन के बवंडर को शांत करें
हर दो मिनट पर फोन बजता है, स्क्रीन जलती है, वाइब्रेशन होता है, और यह सब मिलकर बैटरी को खत्म करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से अस्सी प्रतिशत नोटिफिकेशन पूरी तरह अनजरूरी होते हैं। कोई गेम का प्रोमो, कोई शॉपिंग ऐप का ऑफर, कोई न्यूज ऐप की सस्ती सूचना।
सेटिंग्स में जाकर ऐप के नोटिफिकेशन को ऑफ कर दें। सिर्फ व्हाट्सएप, टेलीग्राम, मैसेज, कॉल और कुछ बेहद जरूरी ऐप्स के नोटिफिकेशन रखें। बाकी सबको म्यूट कर दें। आपको जब मन करे, तब उन ऐप्स को खोलकर देख लीजिए। इससे बैटरी बचेगी और आपका दिमाग भी शांत रहेगा।
ट्रिक नंबर 8: वाइब्रेशन बंद करें, यह बैटरी की दुश्मन है
वाइब्रेशन मोटर आपकी बैटरी खासी खाती है। स्टडीज बताती हैं कि वाइब्रेट करने से नॉर्मल रिंगटोन की तुलना में तीन गुना ज्यादा बैटरी खर्च होती है। जब भी हो सके, फोन को साइलेंट या रिंगिंग मोड पर रखें, वाइब्रेशन ऑफ कर दें। खासतौर पर टाइपिंग करते समय की वाइब्रेशन (हैप्टिक फीडबैक) तो बिल्कुल बंद कर दें। यह सिर्फ दिखावे के लिए है और बैटरी को खत्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ता।
ट्रिक नंबर 9: अल्ट्रा पॉवर सेवर मोड का समझदारी से इस्तेमाल
आपने अपने फोन में पॉवर सेवर मोड देखा होगा। लेकिन जब बैटरी पंद्रह प्रतिशत या उससे कम हो जाए, तो इसे नॉर्मल सेवर मोड पर न छोड़ें। अल्ट्रा पॉवर सेवर मोड ऑन कर दें। इस मोड में फोन बस कॉल और मैसेज जैसे बुनियादी काम ही करता है। बाकी सब ऐप्स फ्रीज हो जाते हैं। यह एक मजाक नहीं है कि अंतिम दस प्रतिशत बैटरी में आपको एक से दो घंटे का अतिरिक्त बैकअप मिल सकता है। इसे रोजमर्रा में इस्तेमाल न करें, लेकिन इमरजेंसी के लिए यह गेम चेंजर है।
ट्रिक नंबर 10: मोबाइल डेटा और वाई-फाई को अनजरूरी समय में बंद रखें
बहुत से लोग ऐसे होते हैं कि वाई-फाई और डेटा दोनों एक साथ ऑन रखते हैं, और सोचते हैं कि फोन अपने आप पक्का नेटवर्क चुन लेगा। लेकिन ऐसा करने से फोन लगातार यह स्कैन करता रहता है कि कौन सा नेटवर्क बेहतर है। इसमें बैटरी खर्च होती है।
जब आप घर में हों और वाई-फाई से जुड़े हों, तो मोबाइल डेटा बंद रखें। जब बाहर जाएं, तब डेटा चालू करें। और अगर कहीं ऐसी जगह हैं जहां सिग्नल ही नहीं है, तो फोन को एयरप्लेन मोड में डाल दें। एयरप्लेन मोड में भी आप वाई-फाई चला सकते हैं। यह छोटी-छोटी बातें बहुत बड़ा फर्क डालती हैं।
ट्रिक नंबर 11: ऐप्स को स्लीप करना सीखिए
नए एंड्रॉयड वर्जन में एक शानदार फीचर है - "स्लीपिंग ऐप्स" या "डीप स्लीप ऐप्स"। आप किसी भी ऐप पर लॉन्ग प्रेस करके ऐप इन्फो में जाएं और "पॉज ऐप एक्टिविटी" या "पुट टू स्लीप" का ऑप्शन चुनें। इसका मतलब यह है कि वह ऐप तब तक बैकग्राउंड में नहीं चलेगा जब तक आप उसे खुद से खोलकर न चलाएं।
यह फीचर उन ऐप्स के लिए बहुत उपयोगी है जो जरूरी तो हैं, लेकिन आप उन्हें दिन में एक या दो बार ही इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए, कैलकुलेटर, फाइल मैनेजर, फोटो एडिटर, गेम्स - इन सबको स्लीप कर दें। इससे बैटरी को काफी राहत मिलेगी।
ट्रिक नंबर 12: फास्ट चार्जिंग का हर बार इस्तेमाल न करें
आजकल हर कोई फास्ट चार्जर का दीवाना है। हाँ, यह सुविधाजनक है कि आधे घंटे में फोन पचास प्रतिशत चार्ज हो जाए, लेकिन इसका एक बड़ा नुकसान है - गर्मी। फास्ट चार्जिंग से बैटरी गर्म होती है, और गर्मी लिथियम-आयन बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन है। एक साल में फास्ट चार्जर का इस्तेमाल करने से बैटरी की हेल्थ अस्सी प्रतिशत तक गिर सकती है।
इसलिए यह समझदारी भरा सुझाव है - जब आपके पास समय हो, तो सामान्य चार्जर (पांच या दस वॉट वाला) इस्तेमाल करें। फास्ट चार्जर को सिर्फ इमरजेंसी के लिए रखें। आपकी बैटरी आपको लंबे समय तक धन्यवाद देगी।
ट्रिक नंबर 13: ओवरनाइट चार्जिंग से बचें, यह एक आम गलती है
हम में से अधिकतर लोग यही करते हैं - रात को सोते समय फोन चार्ज पर लगा देते हैं और सुबह उठकर निकाल लेते हैं। यानी फोन चार्ज पर सात-आठ घंटे लगा रहता है। भले ही नए फोन में स्मार्ट चार्जिंग का फीचर होता है जो बैटरी को नब्बे प्रतिशत पर रोक देता है, फिर भी यह बैटरी के लिए ठीक नहीं है।
आदर्श तरीका यह है कि बैटरी को कभी भी सौ प्रतिशत से ऊपर न रहने दें और न ही उसे पांच प्रतिशत से नीचे जाने दें। सबसे सुरक्षित जोन है बीस प्रतिशत से लेकर अस्सी प्रतिशत के बीच। यानी अगर संभव हो तो फोन को चालीस या पचास प्रतिशत पर चार्ज से निकाल दें। रात को चार्ज करना ही है तो ऐसे चार्जर का इस्तेमाल करें जो चार्ज पूरा होते ही बिजली काट दे (टाइमर लगाएं) या वायरलेस चार्जर में लगा दें जो चार्ज होने के बाद बंद हो जाए।
ट्रिक नंबर 14: फोन को ठंडा रखें, गर्मी से बचाएं
यह सबसे सरल लेकिन सबसे कारगर ट्रिक है। कभी भी अपने फोन को धूप में, गाड़ी के डैशबोर्ड पर, या गर्म जगह पर न छोड़ें। गर्मी बैटरी की केमिस्ट्री को बदल देती है और उसकी लाइफ कम कर देती है।
खासतौर पर गर्मियों में जब आप जीपीएस चला रहे हों, तो फोन सीधे धूप में न रखें। एसी का वेंट लगाकर ठंडी हवा लगाएं, या फोन को छांव में रखें। फास्ट चार्जिंग से बचें, मोटे कवर हटा दें जो गर्मी को फंसाए रखते हैं। एक ठंडा फोन एक लंबी उम्र वाला फोन होता है।
ट्रिक नंबर 15: हफ्ते में एक बार फोन रिस्टार्ट करें
यह बात शायद आपने पहले भी सुनी होगी, लेकिन मानिए यह काम करती है। फोन को हफ्ते में एक बार बंद करके दोबारा चालू करना (रीस्टार्ट करना) सिस्टम कैश को साफ करता है, फंसे हुए ऐप्स को बंद करता है और फोन को तरोताजा कर देता है। इससे बैकग्राउंड प्रोसेस कम हो जाते हैं, जिससे बैटरी पर लोड कम पड़ता है।
इसे रोज करने की जरूरत नहीं है, लेकिन हफ्ते में एक या दो बार जरूर करें। इस छोटी सी आदत से बैटरी को काफी आराम मिलता है।
अब बात करते हैं चार्जिंग से जुड़े कुछ आम सवालों की
सवाल 1: क्या बार-बार चार्जिंग लगाने से बैटरी खराब होती है?
बिल्कुल नहीं। यह पुरानी धारणा पुराने निकल-कैडमियम बैटरी वाले फोन के लिए थी। नए लिथियम-आयन बैटरी वाले फोन बार-बार छोटे चार्ज को पसंद करते हैं। मतलब, चालीस से साठ प्रतिशत के बीच चार्ज करना सबसे बेहतर है। अगर आप दिन में तीन-चार बार फोन को थोड़ी-थोड़ी देर चार्ज पर लगाते हैं, तो यह बहुत अच्छा है। बस यह ध्यान रखें कि फोन सौ प्रतिशत पर न रहे और न ही पूरी तरह डिस्चार्ज होकर जीरो पर पहुंचे।
सवाल 2: क्या फोन को रात भर चार्ज पर लगाए रखना सुरक्षित है?
सुरक्षित तो है, क्योंकि आधुनिक फोन में ओवरचार्ज प्रोटेक्शन होता है। फोन सौ प्रतिशत पर चार्ज होने के बाद चार्ज लेना बंद कर देता है। लेकिन यह बैटरी हेल्थ के हिसाब से अच्छा नहीं है। क्योंकि फोन बंद होने के बाद भी थोड़ी-थोड़ी बैटरी इस्तेमाल होती है और वह फिर से चार्ज होने लगती है। यह बार-बार का ऊपर-नीचे (नब्बे से सौ प्रतिशत के बीच) बैटरी पर बुरा असर डालता है। इसलिए अगर हो सके तो रात में न सिर्फ चार्जर निकालें, बल्कि फोन को एयरप्लेन मोड पर भी रखें।
सवाल 3: मेरी बैटरी हेल्थ कितनी है, यह कैसे पता करूं?
अगर आप आईफोन इस्तेमाल करते हैं, तो सेटिंग्स - बैटरी - बैटरी हेल्थ पर जाएं। वहां साफ दिख जाएगा। एंड्रॉयड फोन में यह फीचर बिल्ट-इन होता है कुछ ब्रांड्स में। अगर नहीं है, तो प्ले स्टोर से "AccuBattery" नाम का ऐप डाउनलोड करें। यह ऐप आपको बहुत ही सटीक जानकारी देता है। अगर बैटरी हेल्थ अस्सी प्रतिशत से नीचे गिर गई है, तो अब कोई भी ट्रिक काम नहीं करेगी। आपको बैटरी बदलवानी पड़ेगी।
सवाल 4: क्या पॉवर सेवर मोड हर समय ऑन रखना सही है?
बिल्कुल नहीं। पॉवर सेवर मोड सीपीयू की स्पीड कम कर देता है, नोटिफिकेशन देरी से आते हैं, और बैकग्राउंड ऐप्स सीमित हो जाते हैं। आप जरूरी कॉल या मैसेज मिस कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल सिर्फ तब करें जब बैटरी कम हो, यानी चालीस से पचास प्रतिशत से नीचे। फुल बैटरी पर इसे ऑन रखने से आप फोन के परफॉर्मेंस का पूरा लाभ नहीं उठा पाते।
सवाल 5: मैंने बैटरी सेवर ऐप्स देखे हैं प्ले स्टोर पर, क्या वे काम करते हैं?
सच बताऊं तो ये बिल्कुल बेकार हैं और स्थिति को और खराब कर सकते हैं। पुराने दिनों में (एंड्रॉयड 4.4 के जमाने में) इनका कुछ लाभ था। आज के स्मार्ट फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम इतने स्मार्ट हैं कि वे खुद ही चीजें मैनेज कर लेते हैं। ये बैटरी सेवर ऐप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और जबरन ऐप्स बंद करते हैं, जिससे फोन उन्हें फिर से खोलने में और ज्यादा पावर खर्च करता है। तो मेरी सलाह है - इन सब ऐप्स को तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। आपको किसी ऐप की जरूरत नहीं है, बस ऊपर बताई गई सेटिंग्स की।
सवाल 6: मेरा फोन रात भर में अपने आप तीस प्रतिशत बैटरी गिरा देता है, क्यों?
यह बिल्कुल सामान्य नहीं है। इसके दो ही कारण हो सकते हैं। पहला - कोई ऐप फंस गया है जो बार-बार क्रैश हो रहा है या लगातार कोशिश कर रहा है। दूसरा - आपके घर या कमरे में नेटवर्क सिग्नल बहुत कमजोर है, फोन लगातार सिग्नल ढूंढने में बैटरी खर्च कर रहा है। आप एक टेस्ट करें - रात को एयरप्लेन मोड ऑन करके सोएं। अगर बैटरी नहीं गिरती, तो समस्या नेटवर्क की है। अगर फिर भी गिरती है, तो किसी ऐप में प्रॉब्लम है। फोन को एक बार सेफ मोड में चलाकर देखें या फिर बैकअप लेकर फोन रीसेट कर दें।
ये काम कभी मत करना, बैटरी का दुश्मन बन जाएगा
अब जब आपने सब कुछ सीख लिया तो कुछ ऐसी चीजें भी बता दूं जो आपको छोड़नी पड़ेंगी।
फोन को जीरो पर चलाकर बंद होने देना बिल्कुल मत करें। यकीनन यह आदत बैटरी के लिए सबसे हानिकारक है। फोन को गाड़ी के अंदर, धूप में, या किसी गर्म सतह पर मत रखें। मोटे और खराब क्वालिटी के कवर जो गर्मी फंसाए रखते हैं, उन्हें बदल दें। सस्ते और नकली चार्जर का इस्तेमाल न करें। वे न सिर्फ बैटरी खराब करते हैं बल्कि फोन में आग लगने का खतरा भी होता है। अंत में, फोन को हमेशा ऑटोमैटिक स्क्रीन ब्राइटनेस या अत्यधिक तेज रोशनी पर रखने से बचें।
निष्कर्ष: बैटरी बचाने की जिम्मेदारी अब आपकी है
दोस्तों, बैटरी जल्दी खत्म होना कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसका इलाज न हो। ऊपर मैंने पंद्रह कारगर टिप्स आपको बताए। कोई भी ट्रिक रॉकेट साइंस नहीं है, लेकिन यकीन मानिए, अगर आप सिर्फ तीन-चार आदतें भी बदल लेंगे, तो फर्क खुद दिखने लगेगा।
शुरुआत इनसे करें - आज ही डार्क मोड ऑन करें, स्क्रीन टाइमआउट तीस सेकंड करें, लोकेशन और ब्लूटूथ को जरूरत के हिसाब से चलाएं और बैकग्राउंड ऐप्स को रीस्ट्रिक्ट करें। बस ये चार काम कर दीजिए, आपको दिखेगा कि आपका फोन शाम तक आराम से चल रहा है।
और हां, अगर आपका फोन पहले से ही तीन-चार साल पुराना है और बैटरी हेल्थ अस्सी प्रतिशत से नीचे है, तो बिना ट्राई किए यह लेख बंद कर दें और सीधे सर्विस सेंटर जाकर नई बैटरी लगवा लें। उसके बाद ही ये ट्रिक्स अपनाइएगा, तभी फायदा होगा।
यह लेख आपको कैसा लगा, जरूर बताइएगा। यह अपने उन सब दोस्तों और परिवार के लोगों को भेजिए जो दिन में तीन बार पॉवर बैंक से जूझते हैं। उनकी मदद हो जाएगी।
और हां, अगर आप चाहें तो कमेंट में अपना फोन का नाम और मॉडल बताइए, मैं आपको उसकी कीमत के हिसाब से बिल्कुल सटीक ट्रिक बता दूंगा।
आपको और आपके फोन की बैटरी को ढेर सारा प्यार। फोन चलता रहे, आपका काम होता रहे और बैटरी की टेंशन खत्म। धन्यवाद।



0 टिप्पणियाँ