Vivo X300 FE Full Review in Hindi: क्या यह फोन आपके लिए सही है?

 

Vivo X300 FE Full Review in Hindi: क्या यह फोन आपके लिए सही है?

नमस्ते दोस्तों, पहली बात


तो आप एक नया फोन खरीदने की सोच रहे हैं और आपकी नज़र Vivo X300 FE पर रुकी है। बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। आज मैं आपको इस फोन की बिल्कुल सच्ची और साफ-साफ राय देने वाला हूँ। कोई झूठी बात नहीं, कोई फर्जी तारीफ नहीं। यह रिव्यू पूरी तरह से रोजमर्रा के इस्तेमाल पर आधारित है।

Vivo X300 FE उन लोगों के लिए बना है जो कम पैसों में ज्यादा से ज्यादा फीचर्स चाहते हैं। कंपनी ने इसे 30 से 35 हज़ार रुपये के बीच में उतारा है और दावा किया है कि यह फोन कैमरा, परफॉरमेंस और डिज़ाइन में किसी से कम नहीं है। लेकिन क्या सच में ऐसा है? चलिए पूरी डिटेल में समझते हैं।

सबसे पहले डिज़ाइन की बात कर लेते हैं


जैसे ही आप इस फोन को हाथ में उठाएंगे, एक अच्छा एहसास होगा। Vivo X300 FE पतला है, हल्का है और देखने में बिल्कुल प्रीमियम लगता है। कंपनी ने इसका बैक पैनल ग्लास का दिया है और किनारों पर मेटल का फ्रेम है। यह कॉम्बिनेशन इसे 40 हज़ार रुपये से ऊपर के फोन जैसा दिखाता है।

फोन की मोटाई मात्र 7.8 मिलीमीटर है और वज़न लगभग 185 ग्राम है। जब आप इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करेंगे तो आपके हाथों में दर्द नहीं होगा। खासकर जो लोग एक हाथ से फोन चलाते हैं, उनके लिए यह फोन बहुत अच्छा है।

Vivo ने इसे तीन रंगों में बाजार में उतारा है। पहला है कॉस्मिक ब्लैक – जो उन लोगों के लिए है जो क्लासिक और सादा लुक चाहते हैं। दूसरा है शाइनिंग सिल्वर – यह थोड़ा चमकदार है और पार्टियों में ध्यान खींचता है। तीसरा और सबसे खूबसूरत है वाइबरेंट ग्रीन – यह रंग कुछ अलग और ताजगी भरा है। अगर आपको लोगों से वाहवाही लेनी है तो यही रंग चुनिए।

सबसे अच्छी बात यह कि इस फोन को धूल और पानी से सुरक्षित रखने के लिए कंपनी ने IP67 रेटिंग दी है। इसका मतलब है कि अगर गलती से फोन पर पानी गिर जाए या बारिश में भीग जाए तो कोई नुकसान नहीं होगा। यह फीचर आमतौर पर सस्ते फोन में नहीं मिलता।

हां, एक छोटी सी नुकसान की बात भी है। यह फोन थोड़ा फिसलनदार है। अगर आपके हाथ में पसीना है या साबुन लगा है तो फोन फिसल सकता है। इसलिए बाजार से एक अच्छा केस जरूर खरीद लें। बॉक्स में कंपनी एक साधारण सा ट्रांसपेरेंट केस देती है, लेकिन वह ज्यादा मजबूत नहीं है।

कुल मिलाकर डिज़ाइन के मामले में मैं इस फोन को पूरे दस में से नौ अंक दूंगा। उस एक अंक की कटौती सिर्फ फिसलन की वजह से है।

अब बात करते हैं डिस्प्ले की


आप जब भी कोई फोन खरीदते हैं तो आप सबसे ज्यादा समय उसकी स्क्रीन की तरफ देखते हैं। तो यह बहुत जरूरी है कि डिस्प्ले अच्छा हो। Vivo X300 FE में 6.78 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। और सबसे अच्छी बात यह है कि यह 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट भी सपोर्ट करता है।

अब आप सोच रहे होंगे कि 120 हर्ट्ज का असल मतलब क्या है? इसे आसान भाषा में समझते हैं। जब आप फोन पर स्क्रॉल करते हैं या कोई गेम खेलते हैं तो पिक्चर जितनी स्मूद होती है उतना अच्छा लगता है। 120 हर्ट्ज वाली स्क्रीन बिल्कुल मक्खन की तरह स्लिप होती है। एक बार इसके इस्तेमाल के बाद आप 60 हर्ट्ज वाले फोन पर वापस नहीं जाना चाहोगे।

रिजोल्यूशन की बात करें तो यह 1260 गुणा 2800 पिक्सल का है। इसका मतलब है कि चाहे आप कितना भी करीब से देखो, दाने या पिक्सल नजर नहीं आएंगे। नेटफ्लिक्स देखो, यूट्यूब देखो, सब कुछ बहुत कुरकुरा और क्लियर दिखता है।

एक और बात जो मुझे बहुत पसंद आई वो है इसकी ब्राइटनेस। कंपनी का कहना है कि यह 1300 निट्स तक जा सकती है। मैंने इसे दुपहरी की तेज धूप में इस्तेमाल किया तो स्क्रीन आराम से पढ़ी जा सकती थी। हां, बिल्कुल परफेक्ट तो नहीं थी लेकिन काम चल गया।

इस फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। यानी स्क्रीन के अंदर ही आपकी उंगली रखनी होती है और फोन अनलॉक हो जाता है। यह बहुत तेज काम करता है, बस उंगली रखते ही फोन खुल जाता है। पुराने दिनों वाले बैक पैनल या साइड वाले सेंसर से यह बहुत बेहतर है।

डिस्प्ले में सबसे खूबसूरत चीज है इसका कलर। AMOLED होने के कारण काला रंग एकदम गहरा दिखता है और दूसरे रंग बहुत जीवंत लगते हैं। अगर आप फोटोग्राफी करते हैं या फिल्में देखते हैं तो यह स्क्रीन आपको बहुत भाएगी।

डिस्प्ले की एक कमी मानिए। ब्राइटनेस तो 1300 निट्स है लेकिन जब आप सीधी धूप में कुछ देखने की कोशिश करते हैं तो थोड़ा संघर्ष करना पड़ता है। मतलब दिख तो जाता है लेकिन उतना क्रिस्प नहीं जितना हाई एंड फोन में होता है। लेकिन इस कीमत में यह बहुत छोटी सी कमी है।

मैं डिस्प्ले को दस में से साढ़े आठ अंक दूंगा।

परफॉरमेंस यानी कितना तेज चलता है


चलिए अब सबसे दिलचस्प सवाल पर आते हैं। क्या यह फोन रोजमर्रा के कामों में तेज है और क्या यह गेमिंग के लिए भी अच्छा है?

Vivo X300 FE के अंदर MediaTek Dimensity 8200 चिपसेट दिया गया है। यह 4 नैनोमीटर की प्रोसेस पर बना है। नैनोमीटर जितना छोटा होता है, प्रोसेसर उतना ही कम गर्म होता है और बैटरी भी उतनी ही लंबी चलती है। तो यहाँ तो अच्छी बात है।

रैम और स्टोरेज के तीन विकल्प मिलते हैं। आठ जीबी रैम के साथ 128 जीबी स्टोरेज, आठ जीबी रैम के साथ 256 जीबी स्टोरेज, और बारह जीबी रैम के साथ 256 जीबी स्टोरेज। मेरी निजी सलाह है कि अगर बजट थोड़ा बढ़ा सकते हो तो 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वाला वर्जन ले लो। क्योंकि 128 जीबी आज के जमाने में कम पड़ने लगता है।

अब सबसे पहले रोजमर्रा के कामों की बात करते हैं। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, क्रोम – ये सब ऐप्स बिना किसी रुकावट के चलते हैं। आप एक साथ दस-पंद्रह ऐप खोलो कोई लैग नहीं है। फोन बिल्कुल तेज दौड़ता है।

गेमिंग की बात करें तो यह फोन BGMI और कॉल ऑफ ड्यूटी बहुत अच्छी तरह चलाता है। मैंने खुद टेस्ट किया। BGMI में आप स्मूद ग्राफिक्स और 60 एफपीएस पर मजे से खेल सकते हैं। एक घंटा लगातार गेम खेलने पर भी फोन बहुत गर्म नहीं हुआ। हां, थोड़ा गुनगुना जरूर हो गया था लेकिन हाथ नहीं जलता।

लेकिन एक गेम है जिसका नाम है जेनशिन इम्पैक्ट। यह गेम बहुत भारी है। अगर आप इस गेम को हाई सेटिंग पर खेलते हो तो फोन थोड़ा संघर्ष करता है। लेकिन मीडियम सेटिंग पर यह बिल्कुल स्मूद चलता है। तो अगर आप बहुत बड़े गेमर नहीं हो तो परेशानी नहीं होगी।

एक बात और। इस फोन में Vapor Chamber Cooling System है। नाम बड़ा है लेकिन समझने में आसान है। यह एक ऐसी तकनीक है जो फोन के अंदर गर्मी को फैलाती है ताकि फोन एक जगह ज्यादा गर्म न हो। तो गर्मी का डर नहीं है।

परफॉरमेंस के मामले में मैं दस में से आठ अंक दूंगा। वह दो अंक कटे क्योंकि जेनशिन इम्पैक्ट और उसी तरह के भारी गेम्स में परफॉरमेंस थोड़ी कम है। बाकी सब बढ़िया है।

कैमरा – यहाँ तो मजा आ जाएगा


Vivo X300 FE Full Review in Hindi: क्या यह फोन आपके लिए सही है?


अब बात करते हैं उस फीचर की जिसके लिए Vivo पूरी दुनिया में मशहूर है। कैमरा। आपको यकीन नहीं होगा लेकिन इस कीमत के फोन में भी Vivo ने दमदार कैमरा दिया है।

पीछे तीन कैमरे हैं। पहला है पचास मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा। इसमें सोनी का IMX882 सेंसर लगा है जो काफी अच्छा माना जाता है। इसमें OIS भी है। OIS का मतलब है ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन यानि जब आप हाथ कांपते हुए फोटो लेते हो तब भी फोटो धुंधली नहीं आती। यह फीचर बहुत जरूरी है खासकर रात में।

दूसरा कैमरा है 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड। इससे आप चौड़े एंगल की फोटो ले सकते हैं। जैसे अगर दस लोग खड़े हैं तो एक फोटो में सब आ जाएंगे। लेकिन सच कहूँ तो यह कैमरा बहुत शानदार नहीं है। दिन में ठीक-ठाक काम करता है लेकिन रात में इससे फोटो लेना भूल जाइए।

तीसरा कैमरा है दो मेगापिक्सल का मैक्रो लेंस। सीधी सी बात – यह बेकार है। Vivo ने इसे सिर्फ कागजों पर नंबर पूरे करने के लिए लगाया है। इससे फोटो लेने लायक कुछ नहीं है।

अब बात करते हैं असली हीरो की। पचास मेगापिक्सल वाला मुख्य कैमरा। दिन की रोशनी में यह कमाल की फोटो खींचता है। रंग बिल्कुल सही आते हैं। बहुत ज्यादा चटक नहीं, बहुत ज्यादा फीके भी नहीं। बिल्कुल उतना ही जितना असल में है।

एक बात और। अगर आप 50 मेगापिक्सल मोड में फोटो लेते हो तो डिटेल इतनी आती है कि फोटो को जूम करके देखो तो छोटी से छोटी चीजें साफ नजर आती हैं। मजा आ जाता है।

पोर्ट्रेट मोड तो जैसे Vivo का बाप है। आप किसी की फोटो पोर्ट्रेट मोड में लो तो पीछे का बैकग्राउंड ब्लर हो जाता है और सामने वाला बिल्कुल साफ दिखता है। ऐसा लगता है जैसे पेशेवर कैमरे से फोटो खींची हो। स्किन टोन थोड़ा सफेद कर देता है लेकिन भारतीय लोगों को यही पसंद है।

रात की फोटो भी बहुत अच्छी आती है। OIS की वजह से आप अगर धीरे से क्लिक करो तो बहुत साफ फोटो मिलती है। रात का मोड ऑन करने से रोशनी कंट्रोल हो जाती है और सड़क लाइट के गोले बहुत कम होते हैं।

सेल्फी कैमरा है 32 मेगापिक्सल का। यह काफी तगड़ा है। सुबह उठते ही बिना लाइट के भी अच्छी सेल्फी आ जाती है। शाम को कम रोशनी में भी यह अच्छा काम करता है। अगर आप इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते हो तो यह फोन आपको पसंद आएगा।

वीडियो की बात करें तो आप 4K में 30 फ्रेम पर सेकेंड वीडियो बना सकते हो। OIS होने के कारण वीडियो हिलती नहीं है। लेकिन ध्यान रहे कि अल्ट्रा-वाइड कैमरे से 4K वीडियो नहीं बन सकता। वो सिर्फ फुल एचडी में ही रिकॉर्ड करता है। यह थोड़ी सी बुरी बात है।

कैमरे के मामले में मैं इस फोन को दस में से साढ़े आठ अंक दूंगा।

बैटरी और चार्जिंग – दिन भर चाहिए तो देख लो


फोन चाहे कितना भी अच्छा हो, अगर बैटरी खराब है तो सब बेकार है। Vivo X300 FE में 5000 मिलीएम्पियर की बैटरी है। यह आज के समय में एक मानक साइज है।

मैंने इसे अपने रोजमर्रा के इस्तेमाल में परखा। सुबह आठ बजे चार्ज निकाला और रात दस बजे तक फोन चलता रहा। इस दौरान मैंने करीब ढाई घंटे यूट्यूब देखा, एक घंटे का गेम खेला, डेढ़ घंटे फेसबुक और इंस्टा चलाया, और तीस-चालीस मिनट फोन पर बात की। बैटरी के अंत में 10 फीसदी बची थी।

अगर आप हल्का इस्तेमाल करते हो तो डेढ़ दिन तक फोन चल सकता है। अगर भारी इस्तेमाल करते हो तो एक पूरा दिन आराम से निकल जाता है।

अब चार्जिंग की बात। यहाँ Vivo ने कुछ खास किया है। 66 वाट की फास्ट चार्जिंग मिलती है। बॉक्स के अंदर चार्जर भी दिया है – यह बात अच्छी है क्योंकि आजकल कई कंपनियां चार्जर नहीं देतीं।

कितनी तेज चार्जिंग है? अगर आपका फोन बिल्कुल खाली है तो बीस मिनट में 50 फीसदी चार्ज हो जाता है। और पूरा 100 फीसदी होने में 45 मिनट लगते हैं। यानी आप सुबह उठे, फोन लगाया, नहाकर आए तो फोन फुल।

वायरलेस चार्जिंग नहीं है। लेकिन सच कहूँ तो इस कीमत में वायरलेस चार्जिंग की उम्मीद करना बेवकूफी होगी।

बैटरी को मैं दस में से नौ अंक दूंगा। यह एक अंक इसलिए काटा क्योंकि सुपर फास्ट चार्जिंग से बैटरी लाइफ पर लंबे समय में असर पड़ता है। लेकिन तुरंत फायदा देखते हुए यह ठीक है।

सॉफ्टवेयर यानी अंदर का ढांचा


फोन में एंड्रॉयड 15 दिया गया है और उसके ऊपर Vivo की अपनी फंटच ओएस 15 दौड़ती है। पहले के समय में लोग Vivo के सॉफ्टवेयर को लेकर काफी शिकायत करते थे। कहते थे कि उसमें बहुत अनावश्यक ऐप्स पहले से लगे आते हैं। लेकिन अब धीरे-धीरे कंपनी सुधर रही है।

इस फोन में पहले से जितने ऐप्स लगे हैं, उनमें से अधिकतर को आप हटा सकते हो। कुछ ऐप्स हैं जो बिल्कुल नहीं हटते, लेकिन वे बहुत काम के हैं जैसे क्रोम, जीमेल, मैप्स।

सॉफ्टवेयर बहुत ही स्मूद चलता है। कहीं कोई लैग नहीं। एनिमेशन अच्छे हैं। फोन में कई कस्टमाइजेशन के ऑप्शन दिए गए हैं। आप फिंगरप्रिंट आइकन बदल सकते हैं, स्क्रीन ट्रांजिशन एनिमेशन बदल सकते हैं, और बहुत कुछ।

एक अच्छा फीचर है साइड बार। जब भी आप स्क्रीन के किनारे से स्वाइप करते हो तो एक छोटा सा मेनू खुलता है। उसमें आप अपनी पसंद के ऐप्स डाल सकते हैं। बहुत काम की चीज है।

प्राइवेसी के लिए ऐप लॉक है, सिक्योर फोल्डर है। यानी आप गुप्त फोटो या डॉक्यूमेंट को बिना पासवर्ड के कोई नहीं देख सकता।

Vivo ने वादा किया है कि इस फोन को तीन साल तक एंड्रॉयड के नए अपडेट मिलेंगे और चार साल तक सिक्योरिटी पैच मिलते रहेंगे। यह एक अच्छी बात है।

लेकिन एक कमी है। अगर आप गूगल का सादा और साफ एंड्रॉयड पसंद करते हैं तो आपको यह पसंद नहीं आएगा। फंटच ओएस में बहुत सारे थीम और स्टाइलिंग के फीचर्स हैं जो कुछ लोगों को बोझिल लगते हैं।

सॉफ्टवेयर को मैं दस में से साढ़े सात अंक दूंगा।

कनेक्टिविटी और ऑडियो की सारी बातें


Vivo X300 FE Full Review in Hindi: क्या यह फोन आपके लिए सही है?


आजकल 5G हर किसी को चाहिए। इस फोन में भारत के सभी 5G बैंड्स सपोर्ट करते हैं। चाहे एयरटेल हो, जियो हो या वीआई – सब पर 5G बिना किसी परेशानी के काम करता है।

इस फोन में दो स्टीरियो स्पीकर दिए गए हैं। एक ऊपर, एक नीचे। इससे आवाज में गहराई आती है। यूट्यूब देखते वक्त बहुत अच्छा लगता है। लेकिन मुझे एक बात थोड़ी खटकी। आवाज में बास यानी भारीपन थोड़ा कम है। तेज आवाज में थोड़ी पतली सी लगती है। लेकिन सामान्य इस्तेमाल में यह परेशान नहीं करता।

एक बड़ी खबर बुरी है। इस फोन में 3.5 मिमी का हेडफोन जैक नहीं है। यानि आप पुराने वाले तार वाले हेडफोन सीधे नहीं लगा सकते। आपको ब्लूटूथ हेडफोन या फिर टाइप-सी वाले ईयरफोन लेने होंगे।

ब्लूटूथ 5.3 है जो नया और तेज है। वाईफाई 6 भी सपोर्ट करता है। एनएफसी है – जिससे आप कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकते हैं। अगर आपके शहर में एनएफसी का चलन है तो अच्छा है।

किन्हें खरीदना चाहिए और किन्हें नहीं


यह सबसे जरूरी सवाल है। अब मैं सीधे सीधे बताता हूँ कि किस प्रकार के लोगों के लिए यह फोन सही है और किसके लिए गलत।

सबसे पहले, यह फोन उन लोगों के लिए बिल्कुल सही है जो फोटोग्राफी के शौकीन हैं। अगर आपको बस फोटो लेनी और सेल्फी लेनी है तो यह फोन कमाल करेगा। पोर्ट्रेट मोड तो लाजवाब है।

दूसरे, यह फोन उन लोगों के लिए है जो अपने फोन की स्क्रीन पर फिल्में और वेब सीरीज देखना पसंद करते हैं। AMOLED और 120 हर्ट्ज का कॉम्बिनेशन बेमिसाल है।

तीसरे, यह फोन उन लोगों के लिए है जो एक प्रीमियम लुक चाहते हैं लेकिन उनके पास 40-50 हज़ार रुपये नहीं हैं। यह सस्ते में प्रीमियम दिखने का सबसे अच्छा तरीका है।

अब बात करते हैं कि किन्हें यह फोन नहीं खरीदना चाहिए।

पहले, अगर आप पूरी तरह से गेमिंग के दीवाने हैं और आपको हर गेम हाई ग्राफिक्स पर खेलना है तो यह फोन आपको निराश करेगा। जेनशिन इम्पैक्ट जैसे भारी गेम्स में यह पीछे रह जाता है।

दूसरे, अगर आपको स्टॉक एंड्रॉयड पसंद है यानी बिल्कुल सादा और साफ एंड्रॉयड तो आपको वनप्लस या मोटोरोला के फोन देखने चाहिए।

तीसरे, अगर आपको वायरलेस चार्जिंग बहुत जरूरी है तो यह फोन आपके लिए नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


लोग अक्सर पूछते हैं कि क्या इस फोन में गेमिंग के दौरान गर्मी आती है? तो मेरा जवाब है कि हां, थोड़ी बहुत आती है लेकिन ज्यादा नहीं। बिना कवर के इस्तेमाल करोगे तो हल्का गुनगुना हो जाता लेकिन हाथ नहीं जलता।

एक सवाल बार बार पूछा जाता है कि क्या यह फोन वनप्लस नॉर्ड से बेहतर है? तो मैं साफ बोलूंगा कि कैमरे में यह ज्यादा बेहतर है। लेकिन अगर सॉफ्टवेयर और रॉ परफॉरमेंस चाहिए तो वनप्लस का अपना स्थान है। यह निर्भर करता है कि आपको क्या चाहिए।

लोग पूछते हैं कि फोन के साथ चार्जर मिलता है या नहीं। हां, बिल्कुल मिलता है। आजकल तो बहुत सी कंपनियां चार्जर बंद कर रही हैं लेकिन Vivo ने अब तक अच्छा चलन रखा है।

एक सवाल है कि क्या इसमें मेमोरी कार्ड लग सकता है? इसका उत्तर है नहीं। इसमें सिर्फ दो सिम कार्ड लग सकते हैं। माइक्रोएसडी के लिए कोई जगह नहीं है। इसलिए सही स्टोरेज वाला वर्जन लेना समझदारी है।

बहुत से लोग पूछते हैं कि क्या इस फोन में स्क्रीन प्रोटेक्टर लगा होता है। हां, फैक्ट्री से ही एक सस्ता सा प्रोटेक्टर लगा होता है। लेकिन उतने पर भरोसा न करें। बाजार से एक अच्छी टेम्पर्ड ग्लास लगवा लें।

कुछ लोग पूछते हैं कि क्या यह फोन दो साल बाद भी तेज चलेगा। मेरा अनुभव कहता है कि Vivo के फोन दो साल तो आराम से चल जाते हैं। तीन साल बाद थोड़ा सुस्त पड़ने लगते हैं लेकिन चलते हैं। यह इस कीमत में सामान्य है।

एक और सवाल बहुत पूछा जाता है – क्या यह फोन पानी में गिरने पर बच जाता है? IP67 रेटिंग है तो छींटे और हल्की बारिश तो सह जाएगा लेकिन पूरा डुबोकर मत देखना। गारंटी नहीं है।

आखिरी बात – खरीदना चाहिए या नहीं


अब हम इस लंबी चर्चा के अंत में आ गए हैं। अब मैं आपको अपनी साफ सी राय देता हूँ।

Vivo X300 FE एक ऐसा फोन है जो अपने दाम के हिसाब से काफी कुछ दे जाता है। इसमें सबसे बड़ी ताकत इसका कैमरा है। दूसरी ताकत इसका AMOLED डिस्प्ले और तीसरी ताकत इसका प्रीमियम लुक।

अगर आप एक ऐसा फोन ढूंढ रहे हैं जिसमें आप अच्छी फोटो खींच सकें, फिल्में देख सकें, और आसपास के लोग कहे कि वाह क्या फोन है तो यह फोन आपके लिए बिल्कुल सही है।

लेकिन अगर आपको गेमिंग में सबसे टॉप परफॉरमेंस चाहिए या फिर साफ सुथरा एंड्रॉयड चाहिए तो दो बार सोच लें।

मैं इस फोन को पूरे दिल से उन लोगों को सलाह दूंगा जो कैमरा और डिस्प्ले को पहली प्राथमिकता देते हैं और जिनका बजट तीस से पैंतीस हज़ार के बीच में है। साथ ही यह फोन उन लोगों के लिए भी अच्छा है जो पहली बार इतने पैसे का फोन खरीद रहे हैं और उन्हें एक भरोसेमंद ब्रांड चाहिए।

तो दोस्तों, यह थी Vivo X300 FE की पूरी और सच्ची समीक्षा। उम्मीद करता हूँ कि यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद रही होगी। अगर आपके मन में कोई और सवाल है तो बेझिझक पूछिए। और अगर आपने या आपके किसी जानने वाले ने यह फोन ले लिया है तो अपना अनुभव जरूर बताइएगा। आपकी बात से किसी और को फायदा होगा।

धन्यवाद।






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